निम्न रक्तचाप
व्यक्ति के भोजन न करने से अथवा अधिक आयु होने से निम्न रक्त चाप होता है | यानि कि बुढ़ापे में सामान्य रूप से यह बीमारी होती है | पाचन तंत्र ठीक न होने से या मानसिक रूप से असफलता , निराशा और हताशा से भी यह निम्न रक्तचाप हो सकता है | चक्कर आना , थकान होना , नाड़ी धीरे चलना , मानसिक तनाव , हाथ पैर ठन्डे पड़ना लक्षण हैं | इसके घरेलु उपचार निम्न हैं |
- खाने में पर्याप्त पौष्टिकता वाली चीज़े अधिक खाये | कच्ची पत्तेदार सब्जियों व फलों का सलाद बनाकर अधिक खाएं | अंकुरित मूंग व अन्य अंकुरित अनाज भी अधिक मात्रा में लें | दही , छाछ आदि का प्रयोग करें | गर्म मिर्च मसाले व तेल का खाना काम खाएं |
- कच्चे लहसुन का प्रयोग अधिकांश करें | एक या दो कली रोज दातों से कुचलकर खाएं | इससे रक्त प्रवाह ठीक होता है |
- कच्ची लौकी का रस पियें या उसको गर्म करके सूप बनाकर पियें | बिना मिर्च मसाले की लौकी की सब्जी (उबालकर) भी लाभकारी है |
- पीपल के पत्तों का रस शहद में मिलाकर चाटें |
- अर्जुन की छाल का काढ़ा पीने सी आराम मिलता है | या अर्जुन की छाल के पाउडर को दूध में मिलाएं तथा गुड़ डाल कर पियें |
- अश्वगंधा व बहेड़ा के चूर्ण को गुड़ में मिलाकर चाटें | निम्न रक्त चाप में आराम मिलेगा |
- कुटकी और मुलहठी को बराबर मात्रा में पीसकर मिश्री के साथ पानी में घोल के पियें |
- एक तोला मैथी दाना लेकर उसका काढ़ा बनाएं इसमें शहद मिलकर चाय की तरह पियें | रोग दूर हो जायेगा |
- गेंहू का सत्तू और अर्जुन की छाल समान मात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर भून लें इसमें तीन गुना शहद मिलाकर एक तोला प्रतिदिन लेने से सभी हृदय सम्बन्धी रोग दूर होते हैं |
- अनार दाने का रस, मिश्री डालकर लाभ पहुंचाता है |
- चुकन्दर का रस नमक डालकर नियमित पीने से लाभ होता है |
- क्रीम निकला हुआ छाछ नियमित भोजन के साथ लें | भोजन पकाने में शुद्ध हींग का प्रयोग अवश्य करें |
- प्रतिदिन प्याज का सेवन करते रहने से रक्तचाप की समस्या प्रायः नहीं होती है |
- पेठे का सेवन नियमित करें | पेठे के प्रति ठन्डे होने के कारण रक्तचाप के रोगियों ले लिए लाभदायक रहता है |


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