Amazing Facts About Dolphin | डॉलफिन के बारे में आश्चर्यजनक तथ्य ||


डॉलफिन

डॉल्फिन एक समुद्री जानी मानी हस्ती मतलब जीव है।  समुद्री जीवों में इसे सबसे अधिक बुद्धिमान , समझदार  और मितत्रतापूर्ण जीव मन जाता है।  इसके इसी व्यक्तित्व के कारण मनुष्यों के बीच काफी स्नेह मिलता है। 

डॉलफिन के बारे कई आश्चर्यजनक तथ्य हैं, जो आप शायद नहीं जानते होंगे। अच्छा क्या आप जानते है की डॉल्फ़िन समंदर का पानी नहीं पीती बल्कि ये अपने द्वारा खाए गए भोजन से पानी की आपूर्ति कर लेती हैं ? क्या आप जानते हैं कि डॉल्फ़िन हर २ घंटे में अपनी बाह्य त्वचा झड़ा देती है? डॉल्फिन शीशे में ख़ुद को पहचान सकती हैं? या ये एक-दूसरे को नाम देती हैं?

चलिए जानते है डॉलफिन के बारे में 20 रोचक तथ्य :-

  1.  दुनिया में डॉल्फ़िन की लगभग 40 विभिन्न प्रजातियाँ हैं, जिनमें से सागरीय डॉल्फ़िन (oceanic dolphin) की सबसे ज्यादा 38, पर्पोइज़ डॉलफिन (porpoise dolphin) की 7 तथा नदी में रहने वाली डॉल्फिन (river dolphin) की 4 विभिन्न प्रजातियाँ हैं।                                        
  2.  मादा डॉल्फ़िन को “cows”, नर डॉल्फ़िन को “bulls” और डॉल्फ़िन के बच्चों को “calves” कहा जाता है।                                                 
  3.  डॉल्फ़िन मत्स्यभक्षी (piscivores) हैं और हर दिन लगभग 35 पाउंड मछली खा जाते हैं।                                                                           
  4. डॉल्फ़िन का आकार 6 फीट (1.7 मीटर) से लेकर 31 फीट की लंबाई तक हो सकता है. उसका वजन 110 lbs (50 किलोग्राम) और 10 टन के बीच होता है, जो उसकी प्रजातियों के प्रकार पर निर्भर करता है।             
  5.  आमतौर पर डॉल्फ़िन अपेक्षाकृत उथले पानी में रहती हैं. लेकिन वे 900 फीट गहराई तक गोता लगा सकती है।                                        
  6. डॉल्फ़िन समंदर का पानी नहीं पीती. ये अपने द्वारा खाए गए भोजन से पानी की आपूर्ति कर लेती हैं।                                                            
  7. डॉल्फ़िन के दो पेट होते हैं – एक भोजन के भंडारण के लिए और दूसरा पाचन के लिए।                                                                          
  8. डॉल्फ़िन में न गंध की संवेदना होती है न ही स्वाद की।                          
  9. पशु साम्राज्य में डॉल्फ़िन की स्मृति सबसे अच्छी मानी जाती है।                   
  10. डॉल्फ़िन में जमीन के जानवरों की तुलना में हल्की और अत्यधिक लचीली हड्डियाँ होती है. इसकी हड्डियाँ जमीनी जानवरों की तुलना में कमज़ोर होती हैं।                                                                              
  11. डॉल्फ़िन की नाक मजबूत और मोटी हड्डी से बनी होती है. इसलिए ये इसका उपयोग शार्क को मारने के लिए करती हैं. इसके द्वारा शार्क के पेट के नीचे किया गया प्रहार शार्क के लिए घातक सिद्ध होता है।                                                                        
  12. डॉल्फ़िन की श्रवण प्रणाली इतनी परिष्कृत और उन्नत है कि एक अंधी डॉल्फ़िन भी आसानी से लंबे समय तक जीवित रह सकती है।              
  13.  डॉल्फ़िन की त्वचा बहुत चिकनी होती है, जो तैरते समय खिंचाव को कम करने में सहायक है।                                                                    
  14. डॉल्फ़िन की अपनी त्वचा की बाहरी परत दिन में १२ बार (हर २ घंटे में) झड़ा देती हैं।                                                                                
  15. सभी डॉल्फिन सांस लेती हैं. वे साँस लेने के लिए ब्लोहोल्स का इस्तेमाल करती हैं, जो उनके सिर में स्थित होता है।                                
  16. डॉल्फिन के मुंह में लगभग 100 दांत होते हैं. वे अपने शिकार को पकड़ने में दांतों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन वे इससे चबाते नहीं हैं. वे अपने शिकार को सम्पूर्ण निगल जाते हैं।                                        
  17. डॉल्फ़िन अपनी एक आँख खोलकर सोती हैं. नींद में भी वे सचेत रहती हैं और शार्क जैसे शिकारी जीवों से अपनी रक्षा कर पाती हैं।                           
  18. डॉल्फ़िन प्रति दिन 8 घंटे सोती हैं, और बाकी दिन तैरती रहती है।                   
  19. सामान्यतः मादा डॉल्फ़िन एक बार में एक बच्चे को जन्म देती हैं. लेकिन कभी-कभी वे जुड़वा बच्चों को भी जन्म देती हैं।                         
  20. मादा डॉल्फिन अपने बच्चों को प्रचुर मात्रा में वसा युक्त दूध पिलाती हैं।                                                                                                         
  21. डॉल्फिन की औसत जीवन प्रत्याशा 25 वर्ष है. लेकिन वे अधिकतम 50 तक रह जीवित सकती हैं।                                                                         
  22. डॉल्फ़िन आमतौर पर 3 से 8 मील/घंटे की गति से तैरती हैं. लेकिन उनकी सबसे तेज गति लगभग 25 मील/घंटे की होती है।                            
  23.  डॉल्फ़िन अत्यधिक बुद्धिमान समुद्री जीव हैं. वे इंसानों की तरह ही सीख सकती हैं, खेल सकती हैं, दूसरों के साथ घुल-मिल सकती हैं और दुःखी भी हो सकती है।                                                                         
  24. डॉल्फ़िन में सेवा भावना भी पाई जाती हैं. वे लंबे समय तक बीमार और घायल साथियों के साथ रहती हैं और उनकी देखभाल करती हैं।         
  25.  डॉल्फ़िन केवल तभी काटती हैं, जब वे उग्र, क्रोधित, निराश, चिंतित या भयभीत होती हैं।                                                                         
  26. डॉल्फ़िन समूह में रहना पसंद करती है. इनके समूह को ‘pod’ कहते हैं. एक pod में लगभग 12 डॉल्फिन होती हैं. जब pod का समूह बहुतायत में खाद्य पदार्थ के लिए एकत्रित होते हैं, तो इनकी संख्या 1,000 तक पहुँच जाती है, जिसे ‘superpod’ कहा जाता है।                  
  27. डॉल्फ़िन के द्वारा निकाले जाने वाली ध्वनि की रेंज बहुत विस्तृत है. इनकी ध्वनियों को मोटे तौर पर तीन श्रेणियों में बांटा जाता है : आवृत्ति संग्राहक सीटी, फट-स्पंदित ध्वनि और क्लिक (frequency modulated whistles, burst-pulsed sounds and clicks). क्लिक समुद्री जानवरों द्वारा निकाली जाने वाली सबसे ऊँची आवाज़ों में से एक हैं।                                                                                            
  28. यूनाइटेड स्टेट में डाल्फिन को सैन्य बलों द्वारा समुद्र के तहों में खदानों को खोजने और गुमशुदा नेवी तैराकों को खोजने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।                                                                                 
  29. अधिकारिक रिकॉर्ड अनुसार सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाली डॉल्फिन नेली थी, जिसे फ्लोरिडा के मारिनलैंड के डॉल्फिन एडवेंचर में रखा गया था. वह ६१ वर्ष तक जीवित रही थी।                                              
  30.  सबसे कम समय तक जीवित रहने वाली डॉल्फिन नाना थी. वह 42 वर्ष तक जीवित रही थीं।                                                                     
  31. डॉल्फ़िन भोजन खोजने और पानी में नेविगेट करने के लिए इकोलोकेशन (echolocation) सोनार (sonar) पद्धति का उपयोग करते हैं. ये ध्वनि तरगें उत्सर्जित करती हैं और उनकी इको (eco) से किसी भी object को locate करती हैं. इस तरह से उनका शिकार को ढूंढना और पानी में तैरना आसान हो जाता है।                                             
  32. डॉल्फ़िन में healing process अत्यधिक प्रभावशाली होता है. इस कारण चोट लगने पर उनका रक्तस्राव जल्दी रुक जाता है और रक्त बहने के कारण उनकी मौत की संभावना अत्यंत कम होती है।                       
  33. डॉल्फिन से द्वारा की गई आत्महत्या की बात भे सामने आई है. १९६५ में जानवरों पर शोध करने वाली एक महिला मार्गरेट हॉवे (Margaret Howe) कुछ महिनों के लिए पीटर (Peter) नामक डॉल्फिन को इंग्लिश सिखाने उसके साथ वर्जिन आइलैंड (Virgin Islands) में निर्मित एक ख़ास घर में रही थी. इस डॉल्फिन को मार्गरेट हॉवे से प्यार हो गया था. जब उसे वहाँ से हटाकर मियामी (Miami) के अलग-थलग टैंक में छोड़ा गया, तो उसने सांस लेना ही बंद कर दिया और इस तरह आत्महत्या कर ली। 

Post a Comment

0 Comments